(तंबाकू मुंह में रखकर सो जाए तो रोज़े का क्या हुक्म है)

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 तंबाकू मुंह में रखकर सो जाए तो रोज़े का क्या हुक्म है

 सवाल  : अर्ज़ यह है हज़रत एक शख्स सुबह सेहरी के वक़्त तंबाकू खा कर सो जाता है फजर की नमाज़ के बाद आंख खुलती है उसके बाद कुल्ली वगैरा कर लेता है क्या उसका रोज़ा रहेगा या नहीं जवाब इनायत फरमाएं हज़रत मेहरबानी होगी
 साईल :  नासिर हुसैन

 जवाब  : सुरत ए मसउला में ज़ैद रात में तंबाकू मुंह में रखकर सुबह तक सोता रहा अगर सोने में तंबाकू के ज़रात मुंह के अंदर हलक़ के नीचे जाना गुमान हो तो ज़ैद का रोज़ा नहीं होगा
 हां अगर ग़ालिब गुमान हो कि ज़रात हलक़ के नीचे नहीं गया है तो रोज़ा हो जाएगा
 जैसा कि सय्यदी सरकार ए आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खान फाज़िले बरेलवी अलैहिर्रहमा तहरीर फरमाते हैं कि  अगर रात में पान खा लिया और सुबह तक उगाल मुंह में था जिसका जुर्म ख्वाह अर्क़ लुआब के साथ-साथ हलक़ में जाना मज़नून (गालिब गुमान) है तो रोज़ा ना होगा (फतावा ए रिज़वीया क़दीम जिल्द चहारूम सफा ५८६)
 (माखूज़  फतावा ए अकरमी सफा १९३/१९४)
والله و رسولہ اعلم باالصواب
 अज़ क़लम
 मोहम्मद मुशाहिद रज़ा क़ादरी रज़वी



 हिंदी ट्रांसलेट 
 मोहम्मद रिज़वानुल क़ादरी सेमरबारी (दुदही कुशीनगर उत्तर प्रदेश)




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