क्या औरत फर्ज़ नमाज़ के लिए अक़ामत कह सकती है

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 क्या औरत फर्ज़ नमाज़ के लिए अक़ामत कह सकती है


 सवाल  क्या फरमाते हैं उलमा ए किराम इस मसअला में की क्या औरत फर्ज़ नमाज़ के लिए अक़ामत तकबीर कह सकती है

 साईलमोहम्मद अतिउल्लाह निज़ामी साकिन परसा कुतुब जिला बस्ती

 जवाब  औरत अक़ामत नहीं कह सकतीजैसा कि अल्लामा सदरुश्शरिया अलैहिर्रहमा वर्रिज़वान तहरीर फरमाते हैं की  औरतें अपनी नमाज़ अदा पढ़ती हो या कज़ा उस में अज़ान व अक़ामत मकरूह है, अगर्चे जमाअत से पढ़ें कि उन की जमाअत खुद मकरूह है, (बहारे शरीअत हिस्सा १ बाब अल अज़ान)

والله و رسولہ اعلم بالصواب



 अज़ क़लम

  फक़ीर ताज मोहम्मद हन्फी क़ादरी वाहिदी अतरौलवी

हिंदी ट्रांसलेट

मोहम्मद रिज़वानुल क़ादरी सेमरबारी (दुदही कुशीनगर उत्तर प्रदेश)




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